MERE BAARE MAI

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श्री निहाल सिंह का जन्म उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में आने वाली अतरौली तहसील के हरवंशपुर नाम गांव में हुआ है। बीते करीब 23 वर्षों से परिवार के साथ दिल्ली में रह रहे हैं।स्कूली शिक्षा दिल्ली सरकार के राजकीय विद्यालय से हुई है। दिल्ली विश्वविद्यालय के डा.भीमराव अंबेड़कर कालेज से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार (आनर्स) में स्नातक किया है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में दूररस्थ माध्यम से पोस्ट ग्रेजुएशन जनंसचार विषय में किया है। वर्तमान मैं दैनिक जागरण के दिल्ली कार्यालय में बतौर डिप्टी चीफ रिपोर्टर के तौर पर कार्यरत है। यहां में दिल्ली नगर निगर और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) जैसी बीट कवर कर रहे हैं। श्री निहाल सिंह 2018 से 2021 तक हिंदी अकादमी, दिल्ली में कार्यकारिणी व संचालन समिति के सदस्य रहे हैं। वहीं, दिल्ली सरकार के पत्रकारों को मान्यता प्रदान करने के लिए बनी दिल्ली प्रेस एक्रीडेशन कमेटी 2015 और फिर 2017 में दो बार सदस्य रहे हैं। वर्तमान में दिसंबर 2023 से डा.भीमराव अंबेड़कर कालेज की एलुमनी क्लब के अध्यक्ष पद की भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

Sunday, 13 December 2009


आस्था में प्रदुषण


हमारे आधुनिक होने के कारण हम अपनी आस्था में इतने अंधे हो गए है की अपनी आस्था के आगे अपने को और अपने देश फ़िर इस संसार को देख नही प् रहे है इसलिए तो हम आस्था के चलते हुम्बग्वान को मानाने के लिए धूपवती जैसी समर्ग्री को प्रयोग कर रहे है और हम सब ये सही तरीके से जानते है ही धूपवती से कितना प्रदुसान होता है जहा हम एक और कोपन हेगैन जैसी बैठक में हम धरती को विनाशन होने की बात करते है

अरे माना की ईशवर को मानना भी जरुरी होता है पर गीता जैसी महानग्रन्थ में तो ये ही लिखा है न की अगर

ईसीसी तरह से आदमी अपनी मर्जी चलता है तो एक दिन उसका अंत बहुत बुरी तरह से होता है

हम अगर इसी तरह से आपनी आस्था में अंधे होकर उन बाजारी लालाओकी बात को मानते हुए आपनी आस्था में अंधे होकर प्रदुसन करते रहे तो एक समय से पहेले धरती को विनाश सम्भव है

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